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February 18, 2026

संकट में धार्मिक अल्पसंख्यक

सा ल 2024 में क्रिसमस के ठीक अगले दिन बालेश्वर जिले के छानाखानपुर गांव की निवासी अनु सिंह ने मिशनरी से जुड़ी सुभासिनी सिंह को अपने घर बुलाया. सुभासिनी उन्हें कथित तौर पर तीन माह से फिजियोथेरेपी दे रही थीं, जिसके बाद अनु चलने लगी थीं. खुशी में केक काटने से पहले वे लोग ईसा मसीह की प्रार्थना करने वाले थे. बकौल सुभासिनी, ठीक उसी वक्त हिंदुत्ववादी संगठनों से जुड़े लोग आए और धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए अनु, पति गोविंद सिंह को बुरी तरीके से मारा. फिर सुभासिनी के साथ हिंसा की, जिसमें सार्वजनिक रूप से नग्न कर, जननांग पर हमला शामिल था. वहीं, बीती 4 जनवरी को ढेंकानाल जिले के परजंग गांव में पादरी बिपिन बिहारी नायक ने आरोप लगाया कि जब वे अपनी पत्नी बंदना और कुछ अन्य लोगों के साथ परिवार के सदस्य कृष्णा नायक के घर में प्रार्थना सभा कर रहे थे तो 15 से 20 लोगों की भीड़ ने उन्हें डंडों से पीटा, चेहरे पर लाल सिंदूर पोत दिया. उसके बाद गले में चप्पल की माला पहनाई, मंदिर के सामने झुकने के लिए मजबूर किया, नाले के पानी में गोबर मिला उसे पीने के लिए मजबूर किया. इन दोनों घटनाओं के दौरान पूरे ओडिशा में इस तरह के 87 से अधिक केस आ चुके हैं, जिनमें ईसाई, मुस्लिम, दलित और आदिवासियों को निशाना बनाया गया है. मयूरभंज जिले के बहलदा निवासी, मुस्लिम युवक शेख सरूफ को पीटकर नग्न अवस्था में घुमाया गया, हाथ बांधकर जय श्री राम का नारा लगवाया गया. एक अन्य घटना में, 28 वर्षीय राज मिस्त्री शेख मकंदर

भविष्य पर बड़ी बाज़ी

जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना नौवां बजट पेश करने के लिए खड़ी हुईं तो उम्मीद थी कि उद्योग और नौकरियों को मजबूती देने वाले बड़े सुधारों का ऐलान होगा. लेकिन इस बार फोकस कुछ अलग रहा. बजट ने उन नए दौर के सेक्टरों पर दांव लगाया, जिन्हें विकसित भारत की यात्रा का इंजन माना जा रहा है. विîाीय अनुशासन बनाए रखते हुए इन सेक्टरों के लिए लक्षित नीतिगत समर्थन और बरसों, कई मामलों में दशकों तक चलने वाले निवेश की रूपरेखा पेश की गई. वित्त वर्ष 27 में वित्तीय घाटा जीडीपी के 4.3 फीसद पर रहने का अनुमान है. बजट में बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ जैसे सेक्टरों को रणनीतिक प्राथमिकता दी गई है. नरेंद्र मोदी सरकार का मकसद ऐसे नेशनल चैंपियन खड़े करना है, जो भारत को आत्मनिर्भर बनाएं और धीरे-धीरे देश को ग्लोबल वैल्यू चेन में मजबूत खिलाड़ी बना दें. पहली बार ऑरेंज इकोनॉमी को भी औपचारिक तौर पर भारत की आर्थिक रणनीति के एक अहम स्तंभ के रूप में मान्यता दी गई है. यह ऐसे समय में हुआ है, जब भारत 2026 में ग्लोबल एआइ समिट की मेजबानी की तैयारी कर रहा है,जिसमें एआइ गवर्नेंस और इनोवेशन पर चर्चा होगी. रणनीति का अगला बड़ा हिस्सा हुनर के साथ नौकरियों को जोड़ने पर है. शिक्षा को एक बार फिर सर्विस-ड्रिवन इकोनॉमी के लिए प्रोडक्टिव इन्फ्रास्ट्रक्चर के तौर पर देखा गया है. जोर इस बात पर है कि अलग-थलग कैंपस नहीं, बल्कि पूरे अकादमिक इकोसिस्टम तैयार किए जाएं. तीसरा फोकस लॉजिस्टिक्स, कंस्ट्रक्शन और ट्रांसपोर्ट पर है. 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों को उभरते आर्थिक केंद्र माना जाएगा. यहां कनेक्टिविटी सात हाइ-स्पीड कॉरिडोर के जरिए बढ़ाई जाएगी, ताकि लेबर कैचमेंट एरिया बड़ा हो, आवाजाही आसान हो और रियल एस्टेट की नई संभावनाएं खुलें. इन सब कदमों को एक साथ देखें तो यह बजट पुराने दौर के सबको खुश करो वाले बजट से साफ अलग दिखता है. सोच आगे की है. अगर इसे लगातार और ईमानदारी से लागू किया गया, तभी यह दांव भारत को सच में नई ऊंचाई पर ले जा पाएगा. जट में दवा निर्माा के अगले मोर्चे यानी ट मेंाोषित बायोफार्मा श्न्तित (स्ट्रेटजी फॉर टेनोलॉजी ऐंड इनोवेशन) का मकसद भारत को न्न्चरिंग हब बनाना है. बायोलॉजिस वे दवाएं म जीवों की जीवित कोशिकाओं से बनती हैं. ए 10,000 करोड़ रुपए का आवंटन करते हुए उम्र और बेहतर जीवन-स्तर के लिए अहम भारत की सबसे बड़ी ताकत बायोसिमिलर्स में मौजूदा बायोलॉजिक दवाओं की बनावट और 18 फरवरी 2026 इंडिया टुडे 27 जट में दवा निर्माा के अगले मोर्चे यानी ट मेंाोषित बायोफार्मा श्न्तित (स्ट्रेटजी फॉर टेनोलॉजी ऐंड इनोवेशन) का मकसद भारत को न्न्चरिंग हब बनाना है. बायोलॉजिस वे दवाएं म जीवों की जीवित कोशिकाओं से बनती हैं. ए 10,000 करोड़ रुपए का आवंटन करते हुए उम्र और बेहतर जीवन-स्तर के लिए अहम भारत की सबसे बड़ी ताकत बायोसिमिलर्स में मौजूदा बायोलॉजिक दवाओं की बनावट और 18 फरवरी 2026 इंडिया टुडे 27 जट में दवा निर्माा के अगले मोर्चे यानी ट मेंाोषित बायोफार्मा श्न्तित (स्ट्रेटजी फॉर टेनोलॉजी ऐंड इनोवेशन) का मकसद भारत को न्न्चरिंग हब बनाना है. बायोलॉजिस वे दवाएं म जीवों की जीवित कोशिकाओं से बनती हैं. ए 10,000 करोड़ रुपए का आवंटन करते हुए उम्र और बेहतर जीवन-स्तर के लिए अहम भारत की सबसे बड़ी ताकत बायोसिमिलर्स में मौजूदा बायोलॉजिक दवाओं की बनावट और 18 फरवरी 2026 इंडिया टुडे 27 जट में दवा निर्माा के अगले मोर्चे यानी ट मेंाोषित बायोफार्मा श्न्तित (स्ट्रेटजी फॉर टेनोलॉजी ऐंड इनोवेशन) का मकसद भारत को न्न्चरिंग हब बनाना है. बायोलॉजिस वे दवाएं म जीवों की जीवित कोशिकाओं से बनती हैं. ए 10,000 करोड़ रुपए का आवंटन करते हुए उम्र और बेहतर जीवन-स्तर के लिए अहम भारत की सबसे बड़ी ताकत बायोसिमिलर्स में मौजूदा बायोलॉजिक दवाओं की बनावट और 18 फरवरी 2026 इंडिया टुडे 27

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