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July 01, 2026

सीमा पर बढ़ाई सख्ती

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने सात जून को पार्टी के एक कार्यक्रम में ऐलान किया कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में बने विभिन्न होल्डिंग सेंटर से लगभग 4,800 अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश वापस भेज दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि 836 और लोगों को वापस भेजने की तैयारी है. भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में बंगाल को अवैध प्रवासियों से मुक्त कराने और सीमाओं को सुरक्षित करने का वादा किया था. नए मुख्यमंत्री ने कार्यभार संभालने के कुछेक हफ्तों के भीतर ही इस पर काम शुरू कर दिया. इससे पहले 23 मई को राज्य के गृह और पर्वतीय मामलों के विभाग ने जिलाधिकारियों को गिरफ्तार अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को रखने के लिए होल्डिंग सेंटर बनाने की दिशा में उचित कार्रवाई करने को कहा था. यह पत्र सरकार की तरफ से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भारत-बांग्लादेश सीमा के लगभग 600 किलोमीटर हिस्से पर बाड़ लगाने के लिए 120 एकड़ जमीन सौंपने के ठीक तीन दिन बाद आया था. अभी 280 एकड़ जमीन और सौंपी जानी है. केंद्र सरकार पिछले कई सालों से राज्य सरकार पर ऐसे कदम उठाने के लिए दबाव बना रही थी लेकिन ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इन निर्देशों को काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया था. अब उत्तर 24 परगना और मालदा जिलों के सीमावर्ती इलाकों में प्रमुख पारगमन बिंदुओं पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. बांग्लादेश लौटने के इच्छुक लोगों के लिए हकीमपुर सीमा चौकी मुख्य निकास बिंदु बनी हुई है. इस बीच, सीमा पार इन गतिविधियों को लेकर कुछ बेचैनी देखी जा रही है. सीमा पर बाड़ लगाने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने

खेती-किसानी का संकट

खाद, दालों और खाने के तेल के मामले में भारत किस हद तक आयात पर निर्भर है, ईरान युद्ध ने इस सच को उघाड़कर रख दिया. इनके आयात का खर्च 56 अरब डॉलर यानी कुल आयात बिल के छह फीसदी तक पहुंचने वाला है. अपनी थाली के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए आखिर हमें क्या करना होगा

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